Ghadi ka avishkar kisne kiya।कब किया और कैसे किया

Ghadi ka avishkar kisne kiya, कब किया और कैसे किया |

Ghadi ka avishkar kisne kiya

हेल्लो दोस्तों कैसे हो आप सब मै लाया हु आपलोगों के बिच बहुत ही इंट्रेस्टिंग टॉपिक| दोस्तों क्या आपको पता है की जो घडी आप पहनते है उस ghadi ka avishkar kisne kiya, कब किया और कैसे किया| यदि आपको नही मालूम है तो आप हमारे साथ बने रहे|

मै आपको बताने वाला हु इन सभी टॉपिक के बारे में दोस्तों इस पोस्ट को पढने के बाद इसे शेयर करना नही भूलियेगा| क्योकि आपका शेयर और कमेंट ही हमारा हौशला को बढ़ाता है| तो चलिए चलते है बिना वक्त गवाए आज का टॉपिक पर|

दोस्तों समय एक ऐसा चीज है जिसके नोक पर हम सभी चलते है| आज के समय में घडी है जिसके अनुसार हम अपना सारा कार्य करते है| लेकिन दोस्तों यदि घडी नही रहे तो क्या होगा| तो चलिए हम आपको ले चलते इस काल में जिस समय घडी नही हुआ करता था|

दोस्तों जिस समय घडी नही हुआ करता था उस समय लोग सूरज को देखकर समय का अंदाजा लगाता था| लेकिन जब सूर्य नही निकलता था तो उस समय के लोग प्रोब्लम में फस जाता था|

इस समस्या से निजात पाने के लिए पाने के लिए उस समय के लोगो ने जल गाढ़ी का अविष्कार किया| दोस्तों इस जल घडी का निर्माण “सु संग” नाम के व्यक्ति ने किया था जो की चीन का रहने वाला था|

लेकिन इस घडी में भी काफी समस्या होती थी| इसके बाद घडी में सुधर किया गया चलिए जानते है की घडी का अविष्कार किसने किया|

ghadi ka avishkar kisne kiya:-

दोस्तों घडी का अविष्कार पोप सिल्वेस्टर नाम के व्यक्ति ने किया था| हलाकि यह घडी अभी के जैसा कम्पलीट नही था लेकिन उस समय का काफी पोपुलर घडी था| दोस्तों यह घडी इंग्लॅण्ड के वेस्तिमिस्टर के घंटाघर में लगाया था| दोस्तों इसने जो घडी का अविष्कार किया उसमे मिनट वाला सुई नही था| घडी के मिनट वाल सुई का अविष्कार 1577 इसवी में हुआ था| इसका अविष्कार स्वीटजरलैंड के जास बरगी नामक वयक्ति ने किया था| दोस्तों पहले जमाने का घडी बहुत बड़ा बड़ा होता था जिसे एक जगह से दुसरे जगह नही ले जाया जा सकता था|

घडी का अविष्कार कैसे हुआ:-

दोस्तों पहले के जमाने में समय देखने के लिए कोई उपकरण नही होते थे यह बात तो आपको भली भाती पता है| लेकिन घडी देखने के लिए सूर्य का छाया का अनुमान लगाकर समय का अंदाजा लगाते थे| फिर बाद में जल घडी का अविष्कार हुआ लेकिन यह सक्सेस नही हुआ क्योकि इस घडी में मिनट वाला सुई नही था|

बाद में मिनट वाला सुई का भी अविष्कार हो गया लेकिन फिर भी यह काफी परचलित नही हुआ| इसका मुख्य कारण यह था की इसका साइज़ बहुत बड़ा था| तब बाद में पिट्टर हेनलेन ने एक ऐसा घडी का अविष्कार किया जिसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता था| दोस्तों पिट्टर हेनलेन जर्मनी का रहने वाला था| यह दुनिया का पहले आदमी था जिन्होंने एक छोटा घडी का निर्माण किया|

घडी का अविष्कार कब हुआ:-

दोस्तों घडी का स्वरूप के चेंज करने के लिए बहुत से व्यक्तियों ने समय समय पर अपना योगदान दिया| लेकिन पूर्ण रूप से घडी का अविष्कार 1505 इश्वी में जर्मनी के पिट्टर हेनलेन ने किया| पिट्टर हेनलेन ताला बनाने का काम किया करता था| लेकिन उसके दिमाग में कुछ ऐसा सेट हुआ की उन्होंने घडी का निर्माण किया जिसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता था|

निष्कर्स:-

दोस्तों इस पोस्ट में आपने जाना की घडी का अविष्कार किसने किया, कब किया, और कैसे किया| हमें उम्मीद है इस पोस्ट की सारी जानकारी आपको अच्छा लगा होगा| दोस्तों यदि आप जान ही गये हो की घडी अ अविष्कार किसने किया तो आप इसे अपने सोशल नेटवर्क जैसे facebook, twitter इत्यादि पर शेयर जरुर करे|

और पढ़ें:-

Paper ka avishkar kisne kiya।कागज का आविष्कार किसने किया और कब किया

Realme kis desh ki company hai, realme कंपनी का मालिक कौन है

Leave a Comment