Kaveri nadi ki paribhasa , udgam sthal , kaha se nikalti hai|कावेरी नदी की परिभाषा , उद्गम स्थल , कहा से निकलती है।

Kaveri nadi

कावेरी नदी की परिभाषा , उद्गम स्थल , कहा से निकलती है। Kaveri nadi ki paribhasa , udgam sthal , kaha se nikalti hai.

नमस्कार दोस्तों आज इस ब्लॉक में हम पढ़ेंगे कावेरी नदी के बारे में अगर आप सब पहले से ही इस नदी के बारे में जानते हैं तो बहुत अच्छी वाली बात है। और आप इस कावेरी नदी के बारे में कुछ बाते मुझे कमेंट में बता सकते हैं। कावेरी नदी के बारे में अगर आप नहीं जानते हैं। तो चिंता करने की कोई बात नहीं है इस ब्लॉक में ” मैं ” आपको नदी के बारे में पूरी विस्तार से बताने वाला हूं। और आप सब इस आर्टिकल को मन लगाकर पढ़िए और समझिए हो सके तो इसे याद भी कर लीजिए। तो चलिए सुरु करते है कावेरी नदी के बारे में।

कावेरी नदी( Kaveri nadi )का परिभाषा :-

Table of Contents

यह नदी कर्नाटक कोडागु जिले के तेलंगाना गांव के निकट ब्रह्मगिरि श्रंखला से बहना शुरू होती है। यह नदी कर्नाटक तथा उत्तरी तमिलनाडु में बहने वाली नदी हैं। पुराणों में इस नदी को अग्नि देवता की सोलवा नदी पत्नियों में से एक बताया हैं। इस नदी को दक्षिण की गंगा कहलाने वाली सबसे पवित्र नदी माना जाता है। कावेरी नदी कृष्णा तथा गोदावरी नदी के बाद दक्षिण भारत की तीसरी सबसे बड़ी नदी है। इस नदी का क्षेत्रफल 81,000 स्क्वायर किमी है। और इसकी लंबाई लगभग 800 किमी है। ये नदी
तमिलनाडु, कर्नाटक, केरला और पुडुचेरी राज्य से होते हुए यह बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है।

लोगों द्वारा पूछे जाने वाले प्रश्न: –

• कावेरी नदी का उद्गम स्थल कहा हैं ?
• कावेरी नदी की लंबाई कितनी है?
• कावेरी नदी पर मौसम का प्रभाव
• कावेरी नदी की सहायक नदियां कौन – कौन सा है ?
• कावेरी नदी किन किन राज्यों में बहती है?
• कावेरी नदी के किन-किन नामों से जाना जाता है ?
• कावेरी नदी पर बसे नगरों का क्या नाम है?
• दक्षिण भारत की कौन-कौन सी नदियां हैं?
• दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी कौन है?
• कृष्ण कावेरी नदी कौन से घाट से निकलती है?
अब हम लोग बात करने वाले हैं कावेरी नदी के उद्गम स्थल के बारे में तो चलिए देखते हैं इन का उदगम स्थल कहां है

कावेरी नदी का उद्गम स्थल:-

कावेरी नदी कर्नाटक राज्य में एक सुंदर चित्र है जिसका नाम है कुर्ग। और यह कुर्ग के पश्चिमी घाट के ब्राहगिरी पर्वत पर ‘तालकावेरी ‘नमक से कावेरी नदी का उद्गम हुआ। यानी की तालकावेरी नदी जो है उसी से उद्गम हुआ है कावेरी नदी का , अगर हम कावेरी नदी के सहायक नदी के बारे में बात करें तो इसकी प्रमुख सहायक नदियां , हेमावती नदी ,अमरावती नदी , भवानी नदी , हरंगी नदी , और लक्ष्मणतीर्थ नदी हैं। पवित्र नदी कावेरी का प्राचीन भारत में वही स्थान प्राप्त है जो उत्तर भारत में गंगा नदी का है। यानि कि जितना पवित्र गंगा नदी को माना जाता है उतना ही पवित्र कावेरी नदी को माना जाता है। कावेरी नदी के जन्म के बारे में अनेक कथाएं सुनने को मिला है उनमें से एक कथाएं हैं। पुराणों के अनुसार कहा गया है कि एक बार बहुत ही भयानक सुखा परा और उस समय दक्षिण भारत की स्थिति बहुत ही खराब हो गई इस सुखार की स्थिति को देखकर अगस्त ऋषि बहुत ही दुखी हुई और चिंता करने लगा तथा मानव जाति ,जीव ,जंतु को बचाने के लिए ब्रह्मा जी के पास पहुंचे ब्रह्मा जी ने कहा कि अगर कैलाश पर्वत से बर्फीले पानी लेकर जाए तो दक्षिण भारत में नदी का उद्गम कर सकते हैं। तभी अगस्त ऋषि कैलाश पर्वत पहुंचे और वहां से अपने कमंडल में बर्फ का पानी लेकर दक्षिण भारत के तरफ चल पड़े , आगे चलते ही उसे थकान सा महसूस होने लगा तभी वह कुर्ग के पास जाकर बैठ गया और कमंडल बगल में रखकर सो गया तभी वहां एक कौवा आया और वह कव्वे ने उसी जगह कमंडल का सारा पानी उलट दिया और वहीं से कावेरी नदी का उद्गम स्थल शुरू हो गया

कावेरी नदी की लंबाई कितनी है?

कावेरी नदी की लंबाई करीब 800 किलोमीटर है।

• कावेरी नदी पर मौसम का प्रभाव:-

कावेरी के कर्नाटक बेसिन में मुख्यतः दक्षिणी पश्चिमी मानसून और थोड़ा उत्तर पूर्वी मानसून के प्रभाव से वर्षा होती है। नदी के तमिलनाडु बेसिन में उत्तर पूर्वी मानसून के प्रभाव से अच्छी बारिश होती है। नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र (upper catchment area) में दक्षिणी पश्चिमी मानसून के कारण ग्रीष्म ऋतु में वर्षा होती है। निचले जलग्रहण क्षेत्र में ढलते मानसून के प्रभाव से शीतकालीन ऋतु में काफी बारिश होती है।
इन वजह से यह नदी लगभग बारहमासी (perennial) नदियों की श्रेणी में आता है जिसके बहाव में बहुत कम अस्थिरता आती है। अतः यह नदी सिंचाई और हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर निर्माण में काफी काम आता है। कावेरी नदी का 90 से 95% सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है।

• कावेरी नदी की सहायक नदियां कौन – कौन सा है ?

इस नदी की प्रमुख सहायक नदियां
दाईं छोर से बाईं छोर से
हारांगी लक्ष्मणतीर्थ
हेमावती कब्बानी
शिम्शा कब्बानी
अर्कावती भवानी

आदि नदियां कावेरी नदी से जुड़ जाती हैं। इस नदी पर मुख्यत: शिवसुंदरम नामक जलप्रपात है। और शिवसमुद्रम में पहुँच कर नदी दो भागों में बंट जाता है और 91 m की ऊंचाई से गिरता है। इतनी ऊंचाई से गिरते हुए धार को बिजली निर्माण के लिए उपयोग किया जाता है।

• कावेरी नदी किन किन राज्यों में बहती है?

कावेरी नदी मुख्य कर्नाटक , तमिलनाडु , पांडिचेरी राज्य में बहती है।

कावेरी नदी के किन-किन नामों से जाना जाता है ?

कावेरी नदी के निम्न नामों से जाना जाता है जिसका नाम नीचे दिया गया है जैसे: –
(1) दक्षिण की गंगा
(2) बूढ़ी गंगा

• कावेरी नदी पर बसे नगरों का क्या नाम है?

कावेरी नदी पर बसे नगर:-

(1) मैसूर
(2) तिरुचिरापल्ली
(3) कुंभकोणम
(4) तंजोर
(5)श्रीरंगापटना

• दक्षिण भारत की कौन-कौन सी नदियां हैं?

दक्षिण भारत में निम्नलिखित नदियां है जो इस प्रकार नीचे दिए गए हैं: –
हुगली नदी
दामोदर नदी
स्वर्ण रेखा नदी
वैतरणी नदी
ब्राह्मणी नदी
महानदी
गोदावरी नदी
कृष्णा नदी

• दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी कौन है!

गोदावरी नदी भारत की प्रायद्वीपीय नदियों में सबसे बड़ी है।

• कृष्ण कावेरी नदी कौन से घाट से निकलती है?

कृष्णा भारत में बहनेवाली एक नदी है। यह पश्चिमी घाट के पर्वत महाबलेश्वर से निकलती है।
दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने कावेरी नदी के बारे में बहुत अच्छी तरीका से पढ़े। और इस आर्टिकल में हमने बहुत सी बातें जाने तो दोस्तों अगर मेरा आर्टिकल आपको पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों में Share करें और आप इसे Like और Comment जरूर कर दे। और हां दोस्तों अगर आपके मन में और भी कोई सवाल घूम रहा है तो अब मुझे comments में जरूर पूछ सकते हैं। दोस्तों मैं आपसे आशा करता हूं कि आप इस आर्टिकल को अपने दोस्तों में Share करेंगे और Like करने के लिए ना भूलेंगे धन्यवाद

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