Rang kitne prakar ke hote hain|रंग कितने प्रकार के होते हैं ?

Rang kitne prakar ke hote hain

Rang kitne prakar ke hote hain

हेलो दोस्तो क्या आपको पता है की रंग कितने प्रकार के होते हैं ? यदि पता है तो बहुत अच्छी वाली बात है , लेकिन अगर आप नही जानते है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है क्यूंकि आज मैं रंग की पूरी जानकारी देने वाला हूं..
वैसे तो रंग हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। रंगों से हमें विभिन्न प्रकार के स्थितियों का पता चलता है।और हम इन्ही रंगो से ही अनेक प्रकार के चीजों के बारे में जानते हैं | आपने कभी सोचा है कि अगर दुनिया मे रंग न होते तो ये दुनिया कैसी लगेगी | यदि रँग न होते तो दुनिया बड़ी बेनूर/बदसूरत सी लगती। हर इंसान को कोई न कोई रँग अच्छा लगता है। सबका अपना फेवरेट कलर जरूर होता है।रँगों के बिना दुनिया अधूरी है। रंगों का सबसे ज्यादा उपयोग चित्र बनाने में किया जाता है।
रंग चित्र की आत्मा होते हैं। रंगो के माध्यम से हम अपनी भावनाओं को चित्र में प्रदर्शित कर सकते है। मूल रूप से इंद्रधनुष के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है, ये सात रंग , लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला तथा बैंगनी हैं। आपने बारिश के मौसम में आसमान में इंद्रधनुष देखा ही होगा। जो कि अलग अलग रँगों से मिलकर बना होता है । इनमें से किन्ही दो रंगो को मिलाने से अनेक रंग बन जाते है। इस प्रकार से हम अनगिनत रंग बना सकते है।

F&Q

* रंग कितने प्रकार के होते हैं ?
* रंगों के नाम क्या क्या होते हैं ?
* प्राथमिक रंग किसे कहते हैं यह कितने
प्रकार के होते हैं ?
* द्वितीय रंग किसे कहते हैं यह कितने
प्रकार के होते हैं ?
* सभी रंगों के अंग्रेजी नाम क्या-क्या है?
* सभी रंगों के नाम बताएं?
* प्राकृतिक रंग कितने प्रकार की होती हैं ?

– Rang kitne prakar ke hote hain ?

मुख्य रूप से रंगों को तीन भागों में बांटा गया है:-
1 प्राथमिक रंग मूल रंग (Primary colours)
2 द्वितीय रंग (Secondary colours)
3 उदासीन रंग (tertiary colours)

1 . प्राथमिक रंग :-

वैसे रंग जो किसी दूसरे रँगों से मिला कर नही बनाया जा सकता हैं,उसे प्राथमिक रंग कहते हैं। ये रंग मुख्यता तीन प्रकार के होते हैं –
(1)लाल (Red)
(2)नीला (Blue)
(3)हरा (Green)

2 .द्वितीय रंग :-

वैसे रंग जो दो प्राथमिक रंगों के मिश्रण से प्राप्त किये जाते हैं। उन्हें द्वितीयक रंग कहते है।,जैसे:-
(1).लाल+पीला=नारंगी
(2).नीला+लाल=बैंगनी
(3).पीला+हरा=धानी
(4).नीला+सफेद=आसमानी

3 .उदासीन रंग:-

वैसे रंग जो दूसरे रंगो से मिल कर अनेक रंग बन जाते है या उस रंगो का प्रभाव कम कर देता है , उसे उदासीन रंग कहते है।,जैसे:-
(1).सफेद
(2).भूरा.
(3). काला

-अभी रंगो के हिंदी और अंग्रेजी नाम :-

• लाल रंग -Red
• नीला रंग – Blue
• हरा रंग – Green
• पीला रंग – Yellow
• जामुनी रंग – Indigo
• नारंगी रंग – Orange
• बैंगनी रंग – Violet

-प्रकृति के अनुसार रंगों को दो भागों में बांटा गया है-

(1) गर्म रंग
(2) ठंडे रंग
* गर्म रंग किसे कहते हैं ?
* गर्म रंग कितने प्रकार के होते हैं ?
* ठंड रंग किसे कहते हैं ?
* ठंड रंग कितने प्रकार के होते हैं ?
* विरोधी रंग किसे कहते हैं ? इन्हे कैसे
पहचाने

(1) गर्म रंग :-

जिन रंगों में लाल रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें गर्म रंग कहा जाता हैं। गर्म रंग निम्न हैं-जैसे कि :-
पीला
लाल
नारंगी
बैंगनी

(2) ठंडे रंग :-

जिन रंगों में नीले रंग का प्रभाव माना जाता है उन्हें ठंड़े रंग कहा जाता है। ठंड़े रंग निम्न हैं- जैसे की :-
नीलमणी या आसमानी
समुद्री हरा
धानी या पत्ती हरा

– विरोधी रंग किसे कहते हैं ?

प्राथमिक और द्वितीयक रंगों के मिश्रण से जो रंग बनते है उन्हें विरोधी रंग कहा जाता है।
जैसे- नीले का विरोधी रंग पीला, नारंगी का आसमानी और बैंगनी का विरोधी रंग धानी है।
आशा करता हूं की आपको सारे के सारे सवालों का जवाब मिल गया होगा | अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है तो आप मेरे पेज को फॉलो करे और अपना सवाल मुझे लिख कर भेज , सवाल आपका जवाब हमारा …….
———–धन्यवाद——————

pahle murgi aayi ya anda।पहले मुर्गी आई या अंडा आया ये है सही जवाब

Leave a Comment